Hari Bhandari, Author at Nepal Jyotish - Complete Astrology and Vastu Solutions.

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ज्योतिष, जन्म कुण्डली, अंक ज्योतीष, विवाह मिलान, शुभ मुहर्त, दोष र समाधान सम्बन्धी छोटो परिचय (Notes OF Astrology)

✨ ज्योतिष के हो?

ज्योतिष भनेको ग्रह-नक्षत्रको स्थिति र चालको आधारमा मानव जीवनका घटना, स्वभाव, भविष्य र भाग्यको अध्ययन गर्ने प्राचीन विद्या हो। यसलाई अंग्रेजीमा Astrology भनिन्छ।


🌙 जन्म कुन्डली (Birth Chart)

जन्मको मिति, समय र स्थानका आधारमा तयार गरिने कुन्डलीले व्यक्तिको जीवनका महत्वपूर्ण पक्षहरू देखाउँछ:

  • विवाह
  • करियर
  • स्वास्थ्य
  • धन योग

🪐 ग्रहहरूको प्रभाव

प्रत्येक ग्रहको आफ्नै महत्व हुन्छ:

  • सूर्य ☀️ – आत्मा र शक्ति
  • चन्द्र 🌙 – मन र भावना
  • मंगल 🔥 – साहस र ऊर्जा
  • बुध 📘 – बुद्धि र व्यापार
  • बृहस्पति 📿 – ज्ञान र भाग्य
  • शुक्र 💖 – प्रेम र सुख
  • शनि ⚖️ – कर्म र न्याय

🔢 अंक ज्योतिष (Numerology)

अंक ज्योतिषले जन्म मिति र नामको आधारमा व्यक्तिको भविष्य र स्वभाव बताउँछ।
यसबाट:

  • भाग्यशाली अंक
  • शुभ दिन
  • जीवनको दिशा
    थाहा पाइन्छ।

💑 विवाह मिलान (Kundali Matching)

विवाहअघि केटा-केटीको कुन्डली मिलाएर:

  • ग्रह दोष
  • गुण मिलान
  • सम्बन्धको स्थायित्व
    जाँच गरिन्छ।

🏠 शुभ मुहूर्त (Auspicious Time)

महत्वपूर्ण कार्य जस्तै:

  • विवाह
  • गृह प्रवेश
  • व्यवसाय सुरु
    गर्दा शुभ समय (मुहूर्त) हेर्नु अत्यन्त आवश्यक हुन्छ।

🧿 दोष र समाधान (Dosha & Remedies)

कुन्डलीमा देखिने दोषहरू:

  • मंगल दोष
  • शनि दोष
  • राहु-केतु प्रभाव

समाधान:

  • पूजा पाठ
  • मन्त्र जप
  • रत्न धारण

हनुमान चालिसा (Hanuman Chalisa)

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।

बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। 

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।

बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। 

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।

जय कपीस तिहुं लोक उजागर।

रामदूत अतुलित बल धामा।

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।

कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।

कानन कुंडल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।

कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।

तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।

राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।

राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।

बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।

रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।

श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।

कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।

राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।

लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।

लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।

जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज जगत के जेते।

सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।

होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।

तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।

महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।

जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।

मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।

तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।

सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।

है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।

असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।

अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।

सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को पावै।

जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।

जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।

हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।

कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।

छूटहि बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।

होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।

कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।। 

25 Days Professional ||Numerology Traning|| Student Feedback .

शिव ताण्डव स्तोत्र (Shiva Tandava Stotram) ॐ नमः शिवाय


जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् ।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥
जटाकटाह सम्भ्रम भ्रमन्निलिम्प निर्झरी
विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ।
धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्ट पावके
किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥
धराधरेन्द्रनन्दिनी विलासबन्धुबन्धुर
स्फुरद्दिगन्तसन्तति प्रमोदमानमानसे ।
कृपाकटाक्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि
क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥
जटाभुजङ्गपिङ्गल स्फुरत्फणामणिप्रभा
कदम्बकुङ्कुमद्रव प्रलिप्तदिग्वधूमुखे ।
मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे
मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥
सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर
प्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः ।
भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटकः
श्रिये चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ॥
५॥ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिङ्गभा
निपीतपञ्चसायकं नमन्निलिम्पनायकम् ।
सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं
महाकपालिसम्पदे शिरोजटालमस्तु नः ॥६॥
करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल
द्धनञ्जयाहुतीकृतप्रचण्डपञ्चसायके ।
धराधरेन्द्रनन्दिनी कुचाग्रचित्रपत्रक
प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ॥७॥
नवीनमेघमण्डली निरुद्धदुर्धरस्फुरत्
कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकन्धरः ।
निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्स्नसिन्धुरः
कलानिधानबन्धुरः श्रियं जगद्धुरन्धरः ॥८॥
प्रफुल्लनीलपङ्कज प्रपञ्चकालिमप्रभा
वलम्बिकण्ठकन्दली रुचिप्रबद्धकन्धरम् ।
स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं
गजच्छिदान्धकच्छिदं तमन्तकच्छिदं भजे ॥९॥
अखर्वसर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी
रसप्रवाहमाधुरी विजृम्भणामधुव्रतम् ।
स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं
गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे ॥१०॥
जयत्वदभ्रविभ्रम भ्रमद्भुजङ्गमश्वस
द्विनिर्गमत्क्रमस्फुरत्करालभालहव्यवाट् ।
धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदङ्गतुङ्गमङ्गल
ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्डताण्डवः शिवः ॥११॥
दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजङ्गमौक्तिकस्रजोर्
गरिष्ठरत्नलोष्टयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।
तृष्णारविन्दचक्षुषोः प्रजामहीमहेंद्रयोः
समं प्रवर्तयन्मनः कदा सदाशिवं भजे ॥१२॥
कदा निलिम्पनिर्झरीनिकुञ्जकोटरे वसन्
विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थितंञ्जलिं वहन् ।
विलोललोचनोल्लसत्फलाललग्नशेखरं
शिवेति मन्त्रमुच्चरन् कदा सुखी भवाम्यहम् ॥१३॥
इमं हि नित्यमेवमुक्तमुत्तमोत्तमं स्तवं
पठन्स्मरन् ब्रुवन्नरो विशुद्धिमेति सन्ततम् ।
हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथा गतिं
विमोहनं हि देहिनां सुशङ्करस्य चिन्तनम् ॥१४॥

||Diploma Falit Jyotish|| Student Review ||

नेपाली आरती ऊँ जय जगदिशहरे । Nepali Arati | Om Jay Jagadishare

ॐ जय जगदीश हरे प्रभु जय जगदीश हरे |

प्रभुका चरण उपासक कति-कति पार तरे ||१|| ॐ जय जगदीश हरे ..

मनको थाल मनोहर प्रेम रुप वाती -प्रभु प्रेमरुप वाती |

भाव कपुर छ मङ्गल आरतीसब भाती || २|| ॐ जय जगदीश हरे..

नित्य-निरन्जन-निर्मल कारण अविनाशी |

शरणागत प्रतिपालक चिन्मय सुख राशी ||३|| ॐ जय जगदीश हरे….

सृष्टि स्थिति लयकर्ता त्रिभुवनका स्वामी |

भक्ति सुधा वर्षाउ शरणपर्यौ हामी ||४|| ॐ जय जगदीश हरे….

आसुर भाव निवारक तारक सुखदाता |

गुण अनुरुप तिमि हौ हरि हर हौ धाता ||५|| ॐ जय जगदीश हरे….

युग-युग पालन गर्छौ अगणित रुप धरि |

लीलामय रस विग्रह करुणामूर्ती हरि ||६|| ॐ जय जगदीश हरे…

समता शान्ति प्रदायक, सज्जन हितकारी |

चरण शरण अव पाऔ प्रभु भवभय हारी ||७|| ॐ जय जगदीश हरे….

सम्यम सुर सरिताको अविरल धार बहोस् |

जति-जति जन्म भए पनि प्रभुमा प्रेम रहोस्||८|| ॐ जय जगदीश हरे….

प्रेम सहित शुभ आरती जसले नित्य गर्यो |

दिन-दिन निर्मल वन्दै त्यो भव सिन्धु तर्यो||९|| ॐ जय जगदीश हरे…. ॐ

जय जगदीश हरे प्रभु जय जगदीश हरे |

प्रभुका चरण उपासक कति-कति पार तरे ||१०|| ॐ जय जगदीश हरे .

आजको राशिफल बि.सं. २०८२ चैत चैत ८ गते आईतवार Daily Rashifal of March 22||

ज्यो।पं – हरिप्रसाद भण्डारी बरिष्ठ ज्योतिष एवं वास्तुविद

सम्पर्क नं ९७७–९८४२२१९७३५

आजको राशिफल बि।सं। २०८२ चैत ८ गते आईतवार ई।सं। २०२५ मार्च २२ नेपाल सम्बत ११४६ चौलाथ्व चतुर्थी , सिद्धार्थि नाम संवत्सर सूर्य दक्षिणायनं, वसन्त ऋतु, चैत शुक्ल तृतीया , चन्द्रमा मेष राशिमा, भरणी नक्षत्र, वैधृति योग, वणिज करण । आज नेपालमा सुर्योदय बिहान ०६ बजेर ०५ मिनेटमा भएको छ भने सूर्यास्त साँझ ०६ बजेर १५ मिनेटमा हुनेछ । आज जन्म लिने बच्चा मेष राशीको हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यका लागि बाहिर निस्कनु पर्दा घिउ खाएर जुनसुकै दिशाको यात्रा गरेपनि शुभ फल प्राप्त हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यको शुरुवात वा शुभ यात्रामा निस्कदा आजका लागि शुभ समय बिहान ०९ बजेर ०८ मिनेट देखि १० बजेर ३९ मिनेट सम्म रहेको छ । यो समय नेपालको राष्ट्रिय समयमा आधारित छ ।

आजको राशिफल बि.सं. २०८२ चैत ७ गते शनिवार Daily Rashifal of March 21||

ज्यो।पं – हरिप्रसाद भण्डारी बरिष्ठ ज्योतिष एवं वास्तुविद

सम्पर्क नं ९७७–९८४२२१९७३५

आजको राशिफल बि।सं। २०८२ चैत ७ गते शनिवार ई।सं। २०२५ मार्च २१ नेपाल सम्बत ११४६ चौलाथ्व तृतीया , सिद्धार्थि नाम संवत्सर सूर्य दक्षिणायनं, वसन्त ऋतु, चैत शुक्ल तृतीया , चन्द्रमा मेष राशिमा, अश्विनी नक्षत्र, एन्द्र योग, तैतल करण । आज नेपालमा सुर्योदय बिहान ०६ बजेर ०६ मिनेटमा भएको छ भने सूर्यास्त साँझ ०६ बजेर १५ मिनेटमा हुनेछ । आज जन्म लिने बच्चा मेष राशीको हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यका लागि बाहिर निस्कनु पर्दा तिल मुखमा राखेर जुनसुकै दिशाको यात्रा गरेपनि शुभ फल प्राप्त हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यको शुरुवात वा शुभ यात्रामा निस्कदा आजका लागि शुभ समय बिहान ०७ बजेर ३७ मिनेट देखि ०९ बजेर ०८ मिनेट सम्म रहेको छ । यो समय नेपालको राष्ट्रिय समयमा आधारित छ ।

आजको राशिफल बि.सं. २०८२ चैत ६ गते शुक्रवार Daily Rashifal of March 20||

ज्यो।पं – हरिप्रसाद भण्डारी बरिष्ठ ज्योतिष एवं वास्तुविद

सम्पर्क नं ९७७–९८४२२१९७३५

आजको राशिफल बि।सं। २०८२ चैत ६ गते शुक्रवार ई।सं। २०२५ मार्च २० नेपाल सम्बत ११४६ चौलाथ्व द्धितीया , सिद्धार्थि नाम संवत्सर सूर्य दक्षिणायनं, वसन्त ऋतु, चैत शुक्ल द्धितीया , चन्द्रमा मीन राशिमा, रेवती नक्षत्र, ब्रम्ह योग, बालव करण । आज नेपालमा सुर्योदय बिहान ०६ बजेर ०७ मिनेटमा भएको छ भने सूर्यास्त साँझ ०६ बजेर १४ मिनेटमा हुनेछ । आज जन्म लिने बच्चा मीन राशीको हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यका लागि बाहिर निस्कनु पर्दा जौ मुखमा राखेर जुनसुकै दिशाको यात्रा गरेपनि शुभ फल प्राप्त हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यको शुरुवात वा शुभ यात्रामा निस्कदा आजका लागि शुभ समय बिहान ०७ बजेर ३८ मिनेट देखि ०९ बजेर ०९ मिनेट सम्म रहेको छ । यो समय नेपालको राष्ट्रिय समयमा आधारित छ ।

आजको राशिफल बि.सं. २०८२ चैत ५ गते बिहिवार Daily Rashifal of March 19||

ज्यो।पं – हरिप्रसाद भण्डारी बरिष्ठ ज्योतिष एवं वास्तुविद

सम्पर्क नं ९७७–९८४२२१९७३५

आजको राशिफल बि।सं। २०८२ चैत ५ गते बिहिवार ई।सं। २०२५ मार्च १९ नेपाल सम्बत ११४६ चिल्लागा आमै , सिद्धार्थि नाम संवत्सर सूर्य दक्षिणायनं, वसन्त ऋतु, चैत कृष्ण औँसी , चन्द्रमा मीन राशिमा, उत्तरभाद्र नक्षत्र, शुक्ल योग, नाग करण । आज नेपालमा सुर्योदय बिहान ०६ बजेर ०९ मिनेटमा भएको छ भने सूर्यास्त साँझ ०६ बजेर १४ मिनेटमा हुनेछ । आज जन्म लिने बच्चा मीन राशीको हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यका लागि बाहिर निस्कनु पर्दा दहि खाएर जुनसुकै दिशाको यात्रा गरेपनि शुभ फल प्राप्त हुनेछ । आज कुनै महत्वपूर्ण कार्यको शुरुवात वा शुभ यात्रामा निस्कदा आजका लागि शुभ समय बिहान ०६ बजेर ०९ मिनेट देखि ०७ बजेर ३९ मिनेट सम्म रहेको छ । यो समय नेपालको राष्ट्रिय समयमा आधारित छ ।